vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 3: अंत्य-खण्ड
»
अध्याय 9: अद्वैत आचार्य की महिमा
»
श्लोक 85
श्लोक
3.9.85
নিরবধি অদ্বৈত এ সব কথা কয
জগতের ত্রাণ লাগি’ কৃপালু হৃদয
निरवधि अद्वैत ए सब कथा कय
जगतेर त्राण लागि’ कृपालु हृदय
अनुवाद
दयालु अद्वैत प्रभु ने सदैव जगत के उद्धार के लिए इन विषयों का वर्णन किया।
The compassionate Advaita Prabhu always described these topics for the salvation of the world.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×