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श्लोक 3.9.82  |
শুনিতে এ সব কথা যার প্রীত নয
সে অধম অদ্বৈতের অদৃশ্য নিশ্চয |
शुनिते ए सब कथा यार प्रीत नय
से अधम अद्वैतेर अदृश्य निश्चय |
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| अनुवाद |
| जो व्यक्ति इस कथा को सुनने में आनन्द नहीं लेता, वह मनुष्य में अधम है और अद्वैत की कृपादृष्टि से अवश्य वंचित रहेगा। |
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| He who does not enjoy listening to this story is the lowest of human beings and will surely be deprived of the grace of Advaita. |
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