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श्लोक 3.9.77  |
তোমা জানে হেন জন কে আছে সṁসারে
তুমি কৃপা করিলে সে ভক্তি-ফল ধরে” |
तोमा जाने हेन जन के आछे सꣳसारे
तुमि कृपा करिले से भक्ति-फल धरे” |
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| अनुवाद |
| "इस संसार में आपको कौन पूर्णतः जानता है? केवल आपकी कृपा से ही भक्ति का फल प्राप्त होता है।" |
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| "Who in this world knows You completely? Only by Your grace can one attain the fruits of devotion." |
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