vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 3: अंत्य-खण्ड
»
अध्याय 9: अद्वैत आचार्य की महिमा
»
श्लोक 46
श्लोक
3.9.46
“হরে কৃষ্ণ হরে কৃষ্ণ” বলি’ প্রেম-সুখে
প্রত্যক্ষ হৈলা আসি’ অদ্বৈত-সম্মুখে
“हरे कृष्ण हरे कृष्ण” बलि’ प्रेम-सुखे
प्रत्यक्ष हैला आसि’ अद्वैत-सम्मुखे
अनुवाद
भगवान अद्वैत के समक्ष आते समय आनंदित प्रेम में हरे कृष्ण महामंत्र का जप कर रहे थे।
The Lord was chanting the Hare Krishna Mahamantra in blissful love while appearing before Advaita.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×