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श्लोक 3.9.345  |
দেবী-বাক্যে লজ্জা পাই’ রহিলাশঙ্কর
ভৃগু ও চলিলাশ্রী-বৈকুণ্ঠ—কৃষ্ণ-ঘর |
देवी-वाक्ये लज्जा पाइ’ रहिलाशङ्कर
भृगु ओ चलिलाश्री-वैकुण्ठ—कृष्ण-घर |
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| अनुवाद |
| पार्वती के वचन सुनकर शंकर लज्जित हो गए। फिर भृगु कृष्ण के धाम वैकुंठ चले गए। |
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| Hearing Parvati's words, Shankara was ashamed. Bhrigu then went to Vaikuntha, the abode of Krishna. |
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