श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 9: अद्वैत आचार्य की महिमा  »  श्लोक 320
 
 
श्लोक  3.9.320 
পুরাণেই নানা মত করেন কথন
’শিব বড’ কোথাও, কোথাও ’নারাযণ’
पुराणेइ नाना मत करेन कथन
’शिव बड’ कोथाओ, कोथाओ ’नारायण’
 
 
अनुवाद
पुराणों में भी अलग-अलग कथन मिलते हैं। कहीं शिव को सबसे महान कहा गया है, तो कहीं नारायण को सबसे महान।
 
Even the Puranas contain varying statements. Some call Shiva the greatest, while others call Narayana the greatest.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)