श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 9: अद्वैत आचार्य की महिमा  »  श्लोक 264
 
 
श्लोक  3.9.264 
অদ্বৈত বলেন,—“প্রভু! সর্ব-দাতা তুমি
তুমি আজ্ঞা দিলে সে দিবারে পারি আমি
अद्वैत बलेन,—“प्रभु! सर्व-दाता तुमि
तुमि आज्ञा दिले से दिबारे पारि आमि
 
 
अनुवाद
अद्वैत प्रभु ने उत्तर दिया, "हे प्रभु, आप सब कुछ देने वाले हैं। यदि आप मुझे आज्ञा दें, तो मैं दे सकता हूँ।"
 
Advaita Prabhu replied, "O Lord, You are the giver of everything. If You allow Me, I can give."
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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