श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 9: अद्वैत आचार्य की महिमा  »  श्लोक 241
 
 
श्लोक  3.9.241 
“জয জয মহাপ্রভু শ্রী-কৃষ্ণ-চৈতন্য
যাঙ্হার কৃপায হৈল সর্ব-লোক ধন্য
“जय जय महाप्रभु श्री-कृष्ण-चैतन्य
याङ्हार कृपाय हैल सर्व-लोक धन्य
 
 
अनुवाद
“श्री कृष्ण चैतन्य महाप्रभु की जय हो, जिनकी कृपा से सभी लोग भाग्यशाली बन गए हैं!
 
“Victory to Sri Krishna Chaitanya Mahaprabhu, by whose grace all people have become fortunate!
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)