श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 9: अद्वैत आचार्य की महिमा  »  श्लोक 239
 
 
श्लोक  3.9.239 
সাকর-মল্লিক, আর রূপ—দুই ভাই
দুই-প্রতি কৃপা-দৃষ্ট্যে চাহিলা গোসাঞি
साकर-मल्लिक, आर रूप—दुइ भाइ
दुइ-प्रति कृपा-दृष्ट्ये चाहिला गोसाञि
 
 
अनुवाद
तब भगवान ने उन दोनों भाइयों, शक मल्लिका और रूप पर दया दृष्टि डाली।
 
Then God looked with pity upon the two brothers, Shaka Mallika and Roop.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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