श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 9: अद्वैत आचार्य की महिमा  »  श्लोक 206
 
 
श्लोक  3.9.206 
শ্রীবাস বলেন—“হস্তে সূর্য ঢাকিলাঙ
তোমারে বিদিত করি’ এই কহিলাঙ
श्रीवास बलेन—“हस्ते सूर्य ढाकिलाङ
तोमारे विदित करि’ एइ कहिलाङ
 
 
अनुवाद
श्रीवास पंडित ने कहा, "सच बताऊँ तो, मैं अपने हाथों से सूर्य को ढक रहा था।
 
Srivasa Pandit said, “To tell you the truth, I was covering the sun with my hands.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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