श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 9: अद्वैत आचार्य की महिमा  »  श्लोक 198
 
 
श्लोक  3.9.198 
ক্ষণেকে উঠিলা প্রভু শ্রী-ভক্ত-বত্সল
বলিতে লাগিলা,—“অযে বৈষ্ণব-সকল!
क्षणेके उठिला प्रभु श्री-भक्त-वत्सल
बलिते लागिला,—“अये वैष्णव-सकल!
 
 
अनुवाद
क्षण भर बाद भक्तों पर स्नेह करने वाले भगवान् बोले, “हे वैष्णवों!
 
After a moment, the Lord, who is affectionate towards his devotees, said, “O Vaishnavas!
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd