श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 9: अद्वैत आचार्य की महिमा  »  श्लोक 139
 
 
श्लोक  3.9.139 
’ভক্তি’ সে মাগেন সবে ঈশ্বর-চরণে
’জ্ঞান’ বড হৈলে ’ভক্তি’ মাগে কি কারণে?
’भक्ति’ से मागेन सबे ईश्वर-चरणे
’ज्ञान’ बड हैले ’भक्ति’ मागे कि कारणे?
 
 
अनुवाद
"वे सदैव भगवान के चरणकमलों से भक्ति की याचना करते हैं। यदि ज्ञान श्रेष्ठ होता, तो वे भक्ति की याचना क्यों करते?
 
"They always pray for devotion at the Lord's feet. If knowledge were superior, why would they pray for devotion?
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)