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श्लोक 3.9.123  |
শুনিযা প্রভুর কৃপা-বাক্য বিপ্র-গণে
চিন্তা ছাডি’ মহানন্দ হৈলা মনে মনে |
शुनिया प्रभुर कृपा-वाक्य विप्र-गणे
चिन्ता छाडि’ महानन्द हैला मने मने |
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| अनुवाद |
| भगवान् की यह कृपापूर्ण वाणी सुनकर ब्राह्मणों ने अपनी चिन्ता त्याग दी और आनन्दित हो गये। |
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| Hearing these gracious words of the Lord, the Brahmins abandoned their worries and became happy. |
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