श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 9: अद्वैत आचार्य की महिमा  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  3.9.1 
জয জয শ্রী-কৃষ্ণ-চৈতন্য রমা-কান্ত
জয সর্ব-বৈষ্ণবের বল্লভ একান্ত
जय जय श्री-कृष्ण-चैतन्य रमा-कान्त
जय सर्व-वैष्णवेर वल्लभ एकान्त
 
 
अनुवाद
लक्ष्मीपति श्री कृष्ण चैतन्य की जय हो! समस्त वैष्णवों के एकमात्र प्रिय भगवान की जय हो!
 
All hail Sri Krishna Chaitanya, the Lord of all Vaishnavas!
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by acd