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श्लोक 3.8.97  |
তাঙ্-সবার প্রেমাধারে অন্ত নাহি পাই
সবেই বৈষ্ণবী-শক্তি ভেদ কিছু নাই |
ताङ्-सबार प्रेमाधारे अन्त नाहि पाइ
सबेइ वैष्णवी-शक्ति भेद किछु नाइ |
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| अनुवाद |
| भगवान के प्रति उनके स्नेह का कोई अंत नहीं था, क्योंकि वे सभी भगवान की आंतरिक शक्ति के विस्तार थे। |
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| There was no end to their affection for the Lord, for they were all extensions of the Lord's inner power. |
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