श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 8: महाप्रभु के नरेंद्र सरोवर में जल खेल  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  3.8.9 
চলিলেন হরিষে পণ্ডিত-গঙ্গাদাস
যাঙ্হার স্মরণে হয কর্ম-বন্ধ-নাশ
चलिलेन हरिषे पण्डित-गङ्गादास
याङ्हार स्मरणे हय कर्म-बन्ध-नाश
 
 
अनुवाद
गंगादास पंडित आए। उनका स्मरण मात्र करने से ही मनुष्य का कर्म बंधन नष्ट हो जाता है।
 
Ganga Das Pandit came. Just remembering him destroys the bondage of karma.
तात्पर्य
चितैन्‍य-चरितामृत, आदि-लीला, अध्याय दस और चैतन्‍य-भागवत, आदि-खण्‍ड, अध्याय दो, श्लोक 99 देखें।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)