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श्लोक 3.8.84  |
কোথা কে বা নাচে কে বা কোন্ দিকে গায
কে বা কোন্ দিকে পডি’ গডাগডি’ যায |
कोथा के वा नाचे के वा कोन् दिके गाय
के वा कोन् दिके पडि’ गडागडि’ याय |
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| अनुवाद |
| कोई नहीं जानता था कि कौन कहाँ नाच रहा है, कौन किस तरह गा रहा है, या कौन किस दिशा में ज़मीन पर लोट रहा है। |
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| No one knew who was dancing where, who was singing how, or who was rolling on the ground in which direction. |
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