বৈষ্ণবের কি দায, অজ্ঞান যত জন
তাহারা ও ’হরি’ বলে করযে ক্রন্দন
वैष्णवेर कि दाय, अज्ञान यत जन
ताहारा ओ ’हरि’ बले करये क्रन्दन
अनुवाद
वैष्णवों की तो बात ही क्या, मूर्ख भी रोते और हरि का नाम जपते थे।
Forget about Vaishnavas, even fools would cry and chant the name of Hari.
तात्पर्य
इस दुनिया में दो प्रकार के लोग हैं- वैष्णव और मूर्ख। जो लोग हरि की भक्ति सेवा के विरुद्ध हैं वे मूर्ख हैं, और हरि के वो सेवक जो भौतिक सुखों के विरुद्ध हैं वे वैष्णव हैं। हालाँकि प्रत्येक जीव स्वाभाविक तौर पर वैष्णव है, लेकिन फिर भी वे दो वर्गों में विभाजित हैं- वे जो परम भगवान के प्रति इच्छुक हैं और जो उनके प्रति विमुख हैं।
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥