श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 8: महाप्रभु के नरेंद्र सरोवर में जल खेल  »  श्लोक 75
 
 
श्लोक  3.8.75 
অদ্বৈত দেখিযা প্রভু লৈলেন কোলে
সিঞ্চিলেন অঙ্গ তান প্রেমানন্দ-জলে
अद्वैत देखिया प्रभु लैलेन कोले
सिञ्चिलेन अङ्ग तान प्रेमानन्द-जले
 
 
अनुवाद
अद्वैत को देखकर भगवान ने उसे गले लगा लिया और प्रेमाश्रुओं से उसे भिगो दिया।
 
Seeing Advaita, the Lord embraced him and drenched him with tears of love.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)