श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 8: महाप्रभु के नरेंद्र सरोवर में जल खेल  »  श्लोक 38
 
 
श्लोक  3.8.38 
অনন্ত চৈতন্য-ভক্ত—কত জানি নাম
চলিলেন সবে পুরীআনন্দের ধাম
अनन्त चैतन्य-भक्त—कत जानि नाम
चलिलेन सबे पुरीआनन्देर धाम
 
 
अनुवाद
भगवान चैतन्य के असंख्य भक्त भी आये, जिनके नाम मुझे ज्ञात नहीं हैं, किन्तु जो परमानंद प्रेम के धाम थे।
 
Numerous devotees of Lord Chaitanya also came, whose names I do not know, but who were abodes of ecstatic love.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)