श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 8: महाप्रभु के नरेंद्र सरोवर में जल खेल  »  श्लोक 178
 
 
श्लोक  3.8.178 
ভক্তি করি’ যে শুনযে এ সব আখ্যান
ভক্ত-সঙ্গে তারে মিলে গৌর-ভগবান্
भक्ति करि’ ये शुनये ए सब आख्यान
भक्त-सङ्गे तारे मिले गौर-भगवान्
 
 
अनुवाद
जो कोई भी भक्तिपूर्वक इन लीलाओं को सुनता है, उसे भगवान गौरांग तथा उनके भक्तों का सानिध्य प्राप्त होता है।
 
Whoever listens to these pastimes with devotion attains the company of Lord Gauranga and His devotees.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)