|
| |
| |
श्लोक 3.8.178  |
ভক্তি করি’ যে শুনযে এ সব আখ্যান
ভক্ত-সঙ্গে তারে মিলে গৌর-ভগবান্ |
भक्ति करि’ ये शुनये ए सब आख्यान
भक्त-सङ्गे तारे मिले गौर-भगवान् |
| |
| |
| अनुवाद |
| जो कोई भी भक्तिपूर्वक इन लीलाओं को सुनता है, उसे भगवान गौरांग तथा उनके भक्तों का सानिध्य प्राप्त होता है। |
| |
| Whoever listens to these pastimes with devotion attains the company of Lord Gauranga and His devotees. |
| ✨ ai-generated |
| |
|