श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 8: महाप्रभु के नरेंद्र सरोवर में जल खेल  »  श्लोक 177
 
 
श्लोक  3.8.177 
হেন-মতে ঈশ্বরের সঙ্গে ভক্ত-গণ
প্রেমে পূর্ণ হৈযা থাকেন সর্ব-ক্ষণ
हेन-मते ईश्वरेर सङ्गे भक्त-गण
प्रेमे पूर्ण हैया थाकेन सर्व-क्षण
 
 
अनुवाद
इस प्रकार भक्तगण भगवान् की संगति में सदैव आनंदित प्रेम से भरे रहते थे।
 
Thus the devotees were always filled with blissful love in the company of the Lord.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)