श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 8: महाप्रभु के नरेंद्र सरोवर में जल खेल  »  श्लोक 170
 
 
श्लोक  3.8.170 
এ সব বৈষ্ণব-অবতারে অবতারী
প্রভু অবতরে ইহা-সবে অগ্রে করি’
ए सब वैष्णव-अवतारे अवतारी
प्रभु अवतरे इहा-सबे अग्रे करि’
 
 
अनुवाद
भगवान्, जो सभी अवतारों के स्रोत हैं, पहले अपने भक्तों को इस संसार में अवतरित करेंगे और फिर स्वयं अवतरित होंगे।
 
The Lord, who is the source of all incarnations, will first incarnate His devotees in this world and then incarnate Himself.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)