vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 3: अंत्य-खण्ड
»
अध्याय 8: महाप्रभु के नरेंद्र सरोवर में जल खेल
»
श्लोक 170
श्लोक
3.8.170
এ সব বৈষ্ণব-অবতারে অবতারী
প্রভু অবতরে ইহা-সবে অগ্রে করি’
ए सब वैष्णव-अवतारे अवतारी
प्रभु अवतरे इहा-सबे अग्रे करि’
अनुवाद
भगवान्, जो सभी अवतारों के स्रोत हैं, पहले अपने भक्तों को इस संसार में अवतरित करेंगे और फिर स्वयं अवतरित होंगे।
The Lord, who is the source of all incarnations, will first incarnate His devotees in this world and then incarnate Himself.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×