vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 3: अंत्य-खण्ड
»
अध्याय 8: महाप्रभु के नरेंद्र सरोवर में जल खेल
»
श्लोक 163
श्लोक
3.8.163
জগন্নাথ দেখি’ জগন্নাথ নমস্করি’
বাসায চলিলা গোষ্ঠী-সঙ্গে গৌরহরি
जगन्नाथ देखि’ जगन्नाथ नमस्करि’
वासाय चलिला गोष्ठी-सङ्गे गौरहरि
अनुवाद
भगवान जगन्नाथ के दर्शन और उन्हें प्रणाम करने के बाद गौरहरि अपने भक्तों के साथ अपने निवास स्थान पर लौट आये।
After seeing and paying obeisance to Lord Jagannath, Gaurahari returned to his abode with his devotees.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×