श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 8: महाप्रभु के नरेंद्र सरोवर में जल खेल  »  श्लोक 160
 
 
श्लोक  3.8.160 
তুলসীরে দেখেন, জপেন সঙ্খ্যা-নাম
এ ভক্তি-যোগের তত্ত্ব কে বুঝিবে আন
तुलसीरे देखेन, जपेन सङ्ख्या-नाम
ए भक्ति-योगेर तत्त्व के बुझिबे आन
 
 
अनुवाद
भगवान कीर्तन करते समय निरंतर तुलसी की ओर देखते रहते थे। भक्ति के इस सिद्धांत को कौन समझ सकता है?
 
The Lord constantly looked at Tulsi while singing kirtan. Who can understand this principle of devotion?
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)