vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 3: अंत्य-खण्ड
»
अध्याय 8: महाप्रभु के नरेंद्र सरोवर में जल खेल
»
श्लोक 157
श्लोक
3.8.157
যবে চলে সঙ্খ্যা-নাম করিযা গ্রহণ
তুলসী লৈযা অগ্রে চলে এক-জন
यबे चले सङ्ख्या-नाम करिया ग्रहण
तुलसी लैया अग्रे चले एक-जन
अनुवाद
जब भी भगवान सड़क पर चलते हुए जप करते थे, तो वे किसी को अपने आगे तुलसी का पौधा ले जाने को कहते थे।
Whenever the Lord chanted while walking on the road, he would ask someone to carry a Tulsi plant before him.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×