vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 3: अंत्य-खण्ड
»
अध्याय 8: महाप्रभु के नरेंद्र सरोवर में जल खेल
»
श्लोक 156
श्लोक
3.8.156
প্রভু বলে,—“আমি তুলসীরে না দেখিলে
ভাল নাহি বাসোঙ্ যেন মত্স্য বিনে জলে”
प्रभु बले,—“आमि तुलसीरे ना देखिले
भाल नाहि वासोङ् येन मत्स्य विने जले”
अनुवाद
तब भगवान ने कहा, “यदि मैं तुलसी को नहीं देखूंगा तो मैं जीवित नहीं रह सकता, जैसे मछली पानी के बाहर जीवित नहीं रह सकती।”
Then the Lord said, “If I do not see Tulsi I cannot survive, just as a fish cannot survive outside water.”
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×