श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 8: महाप्रभु के नरेंद्र सरोवर में जल खेल  »  श्लोक 156
 
 
श्लोक  3.8.156 
প্রভু বলে,—“আমি তুলসীরে না দেখিলে
ভাল নাহি বাসোঙ্ যেন মত্স্য বিনে জলে”
प्रभु बले,—“आमि तुलसीरे ना देखिले
भाल नाहि वासोङ् येन मत्स्य विने जले”
 
 
अनुवाद
तब भगवान ने कहा, “यदि मैं तुलसी को नहीं देखूंगा तो मैं जीवित नहीं रह सकता, जैसे मछली पानी के बाहर जीवित नहीं रह सकती।”
 
Then the Lord said, “If I do not see Tulsi I cannot survive, just as a fish cannot survive outside water.”
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)