श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 8: महाप्रभु के नरेंद्र सरोवर में जल खेल  »  श्लोक 149
 
 
श्लोक  3.8.149 
বৈষ্ণব, তুলসী, গঙ্গা, প্রসাদের ভক্তি
তিঙ্হো সে জানেন, অন্যে না ধরে সে শক্তি
वैष्णव, तुलसी, गङ्गा, प्रसादेर भक्ति
तिङ्हो से जानेन, अन्ये ना धरे से शक्ति
 
 
अनुवाद
केवल भगवान चैतन्य ही वैष्णवों, तुलसी, गंगा और महाप्रसाद की महिमा को जानते हैं - अन्य किसी में यह जानने की क्षमता नहीं है।
 
Only Lord Chaitanya knows the glory of Vaishnavas, Tulsi, Ganga and Mahaprasad – no one else has the capacity to know this.
तात्पर्य
वैष्णव भक्त, तुलसी, गंगा तथा प्रभू का प्रसाद, इनका आदर करना श्री महाप्रभु को ही आता है। श्री महाप्रभु के सिवाय दूसरे लोग इन्हें साधारण वस्तु के समान समझते हैं।
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)