श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 8: महाप्रभु के नरेंद्र सरोवर में जल खेल  »  श्लोक 144
 
 
श्लोक  3.8.144 
জগন্নাথ দেখি’ প্রভু হযেন বিহ্বল
আনন্দ-ধারাযা অঙ্গ তিতিল সকল
जगन्नाथ देखि’ प्रभु हयेन विह्वल
आनन्द-धाराया अङ्ग तितिल सकल
 
 
अनुवाद
जगन्नाथ को देखकर भगवान चैतन्य भावविभोर हो गए और उनका पूरा शरीर आनंद के आँसुओं से भीग गया।
 
Seeing Jagannatha, Lord Chaitanya became overwhelmed with emotion and his entire body was drenched with tears of joy.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)