श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 8: महाप्रभु के नरेंद्र सरोवर में जल खेल  »  श्लोक 140
 
 
श्लोक  3.8.140 
যে প্রসাদ পাইলেন জাহ্নবী-যমুনা
নরেন্দ্র-জলেরো হৈল সেই ভাগ্য-সীমা
ये प्रसाद पाइलेन जाह्नवी-यमुना
नरेन्द्र-जलेरो हैल सेइ भाग्य-सीमा
 
 
अनुवाद
गंगा और यमुना को जो कृपा प्राप्त हुई थी, वही कृपा अब नरेन्द्र-सरोवर को भी प्राप्त हुई।
 
The same grace that Ganga and Yamuna had received, Narendra Sarovar also received it now.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)