श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 8: महाप्रभु के नरेंद्र सरोवर में जल खेल  »  श्लोक 137
 
 
श्लोक  3.8.137 
কেহ বলে,—’জ্ঞানী, কেহ বলে,—’বড ভক্ত’
প্রশṁসেন সবে, কেহ না জানেন তত্ত্ব
केह बले,—’ज्ञानी, केह बले,—’बड भक्त’
प्रशꣳसेन सबे, केह ना जानेन तत्त्व
 
 
अनुवाद
कुछ लोग उन्हें ज्ञानी कहते, तो कुछ लोग उन्हें महान भक्त कहते। इस प्रकार वे उनकी वास्तविक पहचान जाने बिना ही उनकी स्तुति करते।
 
Some called him a wise man, while others called him a great devotee. Thus they praised him without knowing his true identity.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)