श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 8: महाप्रभु के नरेंद्र सरोवर में जल खेल  »  श्लोक 127
 
 
श्लोक  3.8.127 
শ্রী-গোবিন্দ-রাম-কৃষ্ণ-বিজয নৌকায
লক্ষ লক্ষ লোক জলে হরিষে বেডায
श्री-गोविन्द-राम-कृष्ण-विजय नौकाय
लक्ष लक्ष लोक जले हरिषे वेडाय
 
 
अनुवाद
जल में उपस्थित लाखों लोगों ने उस समय बड़ा आनन्द लिया जब बलराम, कृष्ण और विजय-विग्रह गोविन्द नाव में सवार हुए।
 
The millions of people present in the water rejoiced greatly when Balarama, Krishna and the victorious Govinda boarded the boat.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)