श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 8: महाप्रभु के नरेंद्र सरोवर में जल खेल  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  3.8.11 
চলিলেন হরিষে পণ্ডিত বক্রেশ্বর
যে নাচিতে কীর্তনীযাশ্রী-গৌরসুন্দর
चलिलेन हरिषे पण्डित वक्रेश्वर
ये नाचिते कीर्तनीयाश्री-गौरसुन्दर
 
 
अनुवाद
वक्रेश्वर पंडित, जो भगवान के कीर्तन के समय नृत्य कर रहे थे, प्रसन्नतापूर्वक उनके साथ आये।
 
Vakresvara Pandita, who was dancing during the Lord's kirtan, happily joined them.
तात्पर्य
देखें चैतन्य-भागवत, अन्त्य-खण्ड, तृतीय अध्याय, श्लोक 469-473
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)