श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 8: महाप्रभु के नरेंद्र सरोवर में जल खेल  »  श्लोक 104
 
 
श्लोक  3.8.104 
সহস্র সহস্র ছত্র পতাকা চামর
চতুর্-দিকে শোভা করে পরম সুন্দর
सहस्र सहस्र छत्र पताका चामर
चतुर्-दिके शोभा करे परम सुन्दर
 
 
अनुवाद
यह दृश्य चारों ओर हजारों छतरियों, झंडियों और कैमरों से सुशोभित था।
 
The scene was adorned with thousands of umbrellas, flags and cameras all around.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)