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श्लोक 3.8.10  |
পুণ্ডরীক-বিদ্যানিধি চলিলা আনন্দে
উচ্চৈঃ-স্বরে যাঙ্রে স্মরি’ গৌরচন্দ্র কান্দে |
पुण्डरीक-विद्यानिधि चलिला आनन्दे
उच्चैः-स्वरे याङ्रे स्मरि’ गौरचन्द्र कान्दे |
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| अनुवाद |
| पुण्डरीक विद्यानिधि भी प्रसन्नतापूर्वक आये। उनका स्मरण करते हुए भगवान ने जोर से पुकारा। |
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| Pundarik Vidyanidhi also came happily. Remembering him, the Lord called out loudly. |
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