श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 8: महाप्रभु के नरेंद्र सरोवर में जल खेल  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  3.8.1 
জয জয মহাপ্রভু শ্রী-কৃষ্ণ-চৈতন্য
জয জয নিত্যানন্দ ত্রিভুবন-ধন্য
जय जय महाप्रभु श्री-कृष्ण-चैतन्य
जय जय नित्यानन्द त्रिभुवन-धन्य
 
 
अनुवाद
श्री कृष्ण चैतन्य महाप्रभु की जय हो! नित्यानंद प्रभु की जय हो, जिन्होंने तीनों लोकों को महिमावान बनाया!
 
All glory to Sri Krishna Chaitanya Mahaprabhu! All glory to Nityananda Prabhu, who glorified the three worlds!
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)