श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 7: श्री गदाधर के बगीचे में लीलाएँ  »  श्लोक 97
 
 
श्लोक  3.7.97 
আবির্ভাব হৈতেছে যে-সব শরীরে
তাঙ্-সবার অনুগ্রহে ভক্তি-ফল ধরে
आविर्भाव हैतेछे ये-सब शरीरे
ताङ्-सबार अनुग्रहे भक्ति-फल धरे
 
 
अनुवाद
भक्ति सेवा उन लोगों की दया से प्राप्त होती है जिनके शरीर में परम भगवान प्रकट होते हैं।
 
Devotional service is obtained by the mercy of those in whose bodies the Supreme Lord is manifest.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)