श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 7: श्री गदाधर के बगीचे में लीलाएँ  »  श्लोक 83
 
 
श्लोक  3.7.83 
আমারে সে কহেন সকল গোপ্য কথা
’মুনি-ধর্ম করি’ কৃষ্ণ ভজিবে সর্বথা
आमारे से कहेन सकल गोप्य कथा
’मुनि-धर्म करि’ कृष्ण भजिबे सर्वथा
 
 
अनुवाद
“वह मुझे सभी गोपनीय बातें बताते हैं, जैसे, ‘एक भिक्षु के सिद्धांतों का पालन करो और हमेशा कृष्ण की पूजा करो।’
 
“He tells me all the secrets, like, ‘Follow the principles of a monk and always worship Krishna.’
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)