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श्लोक 3.7.82  |
হেন সে তাঙ্হার রঙ্গ,—সবেই মানেন
“আমার অধিক প্রীত কারো না বাসেন |
हेन से ताङ्हार रङ्ग,—सबेइ मानेन
“आमार अधिक प्रीत कारो ना वासेन |
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| अनुवाद |
| फिर भी सबने सोचा, “प्रभु मुझसे अधिक किसी से प्रेम नहीं करता। |
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| Yet everyone thought, “The Lord loves no one more than me. |
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