श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 7: श्री गदाधर के बगीचे में लीलाएँ  »  श्लोक 71
 
 
श्लोक  3.7.71 
এতেকে যে তোমারে, তোমার সেবকেরে
প্রীতি করে, সত্য সত্য সে করে আমারে”
एतेके ये तोमारे, तोमार सेवकेरे
प्रीति करे, सत्य सत्य से करे आमारे”
 
 
अनुवाद
“इसलिए जो कोई तुझसे या तेरे सेवकों से प्रेम रखता है, वह सचमुच मुझसे प्रेम रखता है।”
 
“Therefore, whoever loves you or your servants truly loves me.”
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)