নিগ্রহ কি অনুগ্রহ—তুমি সে প্রমাণ
বৃক্ষ-দ্বারে কর তুমি তোমার সে নাম”
निग्रह कि अनुग्रह—तुमि से प्रमाण
वृक्ष-द्वारे कर तुमि तोमार से नाम”
अनुवाद
"केवल आप ही दया या उपेक्षा कर सकते हैं। इसका प्रमाण यह है कि आपने वृक्षों को भी अपना नाम जपने के लिए प्रेरित किया है।"
"Only you can show mercy or neglect. The proof is that you have inspired even the trees to chant your name."
तात्पर्य
नीत्यानंद ने कहा, "केवल आप ही दया या उपेक्षा प्रदर्शित करने के अधिकारी हैं। न सिर्फ इंसान, बल्कि पौधे जैसी निम्न जाति के जीव भी आपकी दया प्राप्त करने और सर्वोच्च भगवान की सेवा के योग्य हैं। यदि कृष्ण का पवित्र नाम का जाप किया जाता है, तो वे जीव-जंतु भी लाभ प्राप्त कर सकते हैं जिनकी चेतना अविकसित है।"
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥