|
| |
| |
श्लोक 3.7.48  |
তবে কত-ক্ষণে নিত্যানন্দ মহাশয
বলিতে লাগিলা অতি করিযা বিনয |
तबे कत-क्षणे नित्यानन्द महाशय
बलिते लागिला अति करिया विनय |
| |
| |
| अनुवाद |
| तत्पश्चात् भगवान् नित्यानन्द ने विनम्रतापूर्वक भगवान् से इस प्रकार कहा। |
| |
| Thereafter Lord Nityananda humbly said to the Lord thus. |
| ✨ ai-generated |
| |
|