श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 7: श्री गदाधर के बगीचे में लीलाएँ  »  श्लोक 48
 
 
श्लोक  3.7.48 
তবে কত-ক্ষণে নিত্যানন্দ মহাশয
বলিতে লাগিলা অতি করিযা বিনয
तबे कत-क्षणे नित्यानन्द महाशय
बलिते लागिला अति करिया विनय
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् भगवान् नित्यानन्द ने विनम्रतापूर्वक भगवान् से इस प्रकार कहा।
 
Thereafter Lord Nityananda humbly said to the Lord thus.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)