vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री चैतन्य भागवत
»
खण्ड 3: अंत्य-खण्ड
»
अध्याय 7: श्री गदाधर के बगीचे में लीलाएँ
»
श्लोक 45
श्लोक
3.7.45
বাহ্য নাহি জান তুমি সঙ্কীর্তন-সুখে
অহর্-নিশ কৃষ্ণ-গুণ তোমার শ্রী-মুখে
बाह्य नाहि जान तुमि सङ्कीर्तन-सुखे
अहर्-निश कृष्ण-गुण तोमार श्री-मुखे
अनुवाद
“आप बाहरी दुनिया को भूल गए हैं और दिन-रात भगवान कृष्ण के गुणों का गुणगान करने में लगे हुए हैं।
“You have forgotten the outside world and are engaged in singing the praises of Lord Krishna day and night.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×