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श्लोक 3.7.30  |
ক্ষণে দুই প্রভু করে প্রেম-আলিঙ্গন
ক্ষণে গলা ধরি’ করে আনন্দ-ক্রন্দন |
क्षणे दुइ प्रभु करे प्रेम-आलिङ्गन
क्षणे गला धरि’ करे आनन्द-क्रन्दन |
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| अनुवाद |
| एक क्षण वे प्रेम से गले मिले, और अगले ही क्षण वे एक-दूसरे की गर्दन पकड़कर रोने लगे। |
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| One moment they embraced lovingly, and the next they were crying, clutching each other's necks. |
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