श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 7: श्री गदाधर के बगीचे में लीलाएँ  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  3.7.19 
ধ্যানানন্দে যেখানে আছেন নিত্যানন্দ
সেই স্থানে বিজয করিলা গৌরচন্দ্র
ध्यानानन्दे येखाने आछेन नित्यानन्द
सेइ स्थाने विजय करिला गौरचन्द्र
 
 
अनुवाद
श्री गौरचन्द्र वहाँ आये, जब नित्यानंद दिव्य आनन्द में लीन बैठे थे।
 
Sri Gaurachandra came there when Nityananda was sitting absorbed in transcendental bliss.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)