श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 7: श्री गदाधर के बगीचे में लीलाएँ  »  श्लोक 165
 
 
श्लोक  3.7.165 
জগন্নাথো একত্র দেখেন তিন জনে
আনন্দে বিহ্বল সবে মাত্র সঙ্কীর্তনে
जगन्नाथो एकत्र देखेन तिन जने
आनन्दे विह्वल सबे मात्र सङ्कीर्तने
 
 
अनुवाद
वे दोनों साथ मिलकर भगवान जगन्नाथ के मंदिर जाते और संकीर्तन करते हुए आनंदित प्रेम से अभिभूत हो जाते।
 
Together they would go to the temple of Lord Jagannath and sing Sankirtan, overwhelmed with blissful love.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)