श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 7: श्री गदाधर के बगीचे में लीलाएँ  »  श्लोक 161
 
 
श्लोक  3.7.161 
গদাধর শুভ-দৃষ্টি করেন যাহারে
সে জানিতে পারে নিত্যানন্দ-স্বরূপেরে
गदाधर शुभ-दृष्टि करेन याहारे
से जानिते पारे नित्यानन्द-स्वरूपेरे
 
 
अनुवाद
जो कोई भी गदाधर की कृपादृष्टि प्राप्त करता है, वह नित्यानंद स्वरूप को जान सकता है।
 
Whoever receives the grace of Gadadhara can know the eternal blissful form.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)