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श्लोक 3.7.160  |
এ আনন্দ-ভোজন যে পডে বাশুনে
কৃষ্ণ-ভক্তি হয, কৃষ্ণ পায সেই জনে |
ए आनन्द-भोजन ये पडे वाशुने
कृष्ण-भक्ति हय, कृष्ण पाय सेइ जने |
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| अनुवाद |
| जो कोई भी इन आनन्ददायक भोजन लीलाओं के विषय में सुनता या पढ़ता है, वह कृष्ण तथा उनकी भक्ति को प्राप्त करता है। |
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| Anyone who hears or reads about these delightful food pastimes attains Krishna and His devotion. |
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