श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 7: श्री गदाधर के बगीचे में लीलाएँ  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  3.7.15 
কমলপুরেতে আসি’ প্রাসাদ দেখিযা
পডিলেন নিত্যানন্দ মূর্চ্ছিত হৈযা
कमलपुरेते आसि’ प्रासाद देखिया
पडिलेन नित्यानन्द मूर्च्छित हैया
 
 
अनुवाद
कमलापुरा पहुँचकर नित्यानंद भगवान जगन्नाथ का मंदिर देखकर अचेत हो गए।
 
Upon reaching Kamalapura, Nityananda fainted after seeing the temple of Lord Jagannath.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)