श्री चैतन्य भागवत  »  खण्ड 3: अंत्य-खण्ड  »  अध्याय 7: श्री गदाधर के बगीचे में लीलाएँ  »  श्लोक 144
 
 
श्लोक  3.7.144 
হাসিযা বলেন প্রভু—“কেন গদাধর!
আমি কি না হৈ নিমন্ত্রণের ভিতর?
हासिया बलेन प्रभु—“केन गदाधर!
आमि कि ना है निमन्त्रणेर भितर?
 
 
अनुवाद
तब भगवान चैतन्य ने मुस्कुराते हुए पूछा, "हे गदाधर, क्या मैं आपकी निमंत्रण सूची में शामिल नहीं हूँ?
 
Then Lord Chaitanya smiled and asked, “O Gadadhara, am I not included in your invitation list?
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)